इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना (आई.जी.एम.एस.वाई.)

वित्तीय वर्ष 2010-2011 में भारत सरकार द्वारा देश के 52 जिलों में प्रायोगिक आधार पर इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना ‘‘आई.जी.एम.एस.वाई.'' के क्रियान्वयन की स्वीकृति दी गई है। मध्यप्रदेश के 2 जिलों - सागर एवं छिन्दवाड़ा को इस योजना अंतर्गत चयनित किया गया है।

मध्यप्रदेश शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 24 सितम्बर 2011 को योजना क्रियान्वयन की स्वीकृति दी गई है। समेकित बाल विकास सेवा योजना की संरचना के माध्यम से गांव में आंगनबाड़ी केन्द्र द्वारा योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

इस योजना का उदृदेश्य गर्भवती और धात्री महिलाओं को उनके बच्चे के जन्म के पूर्व एवं पश्चात मज़दूरी में होने वाली हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति एवं गर्भवती और धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण की स्तिथित   में सुधार लाना है। इस योजना में 19 वर्ष या इससे अधिक आयु की गर्भवती एवं धात्री महिलाओ को उनके पहले दो जीवित शिशुओं तक पात्रता है। योजना में निर्धारित शर्तों को पूर्ण करने वाली महिला को उसके बच्चे के 6 माह की आयु पूर्ण होने पर तीन किश्तों में कुल राशि रू. 4,000/- दिए जा रहे हैं। प्रोत्साहन राशि के रूप में कार्य पूर्ण होने पर प्रति लाभार्थी के मान से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को राशि रू. 200/- एवं सहायिका को राशि रू. 100/- दिये जाते हैं।

सागर एवं छिन्दवाड़ा जिलों में कुल 30 एकीकृत बाल विकास परियोजनाओं के 4,835 आंगनबाड़ी केन्द्रों में आई.जी.एम.एस.वाई. का संचालन किया जा रहा है। वर्ष 2012-2013 में माह दिसम्बर 12 तक कुल 19,858 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है जिस पर कुल राशि 8951.32 लाख व्यय की गई।